त्रिवेणी

ताँका-चोका- सेदोका -माहिया-हाइबन

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गुरुवार, 4 जून 2026

1222-नौतपा दैत्य

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डॉ .  जेन्नी शबनम 1. नौतपा दैत्य किसी को न छोड़ेगा बचके रहो घर में छुप जाओ पानी पी के भगाओ। 2. होगा बचना सूरज बना आग सब हैं डरे कै...
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शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026

1221

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 बैसाखी ऋता शेखर ‘मधु’ 1 पावन है बैसाखी स्वर्णिम फसलों पर गा ते मधुरिम पाखी। 2 होती आज कटाई खेतों बीच रबी   कृषकों को है भायी। 3 ...
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सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

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  दिनेश चंद्र पाण्डेय   1. सुंदर दीप घर-घर में जले जर्रा-जर्रा रौशन सब अँ धेरे मिट ग ए जहाँ से मेरा मन भी मगन 2. मेले म...
6 टिप्‍पणियां:
बुधवार, 17 सितंबर 2025

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  ग्राम्य जीवन की संवेदनाओं का रंगमंच : ‘ कुछ रंग ’ चोका - संग्रह   डॉ . पूनम चौधरी   हिंदी कविता के इतिहास में जब भी किसी रचनाकार ने प्...
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