शनिवार, 9 जनवरी 2021

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 1-डॉoजेन्नी शबनम

1

जीवन जब आकुल है

राह नहीं दिखती

मन होता व्याकुल है।

2

हर बाट छलावा है

चलना ही होगा

पग-पग पर लावा है

3

रूठे मेरे सपने

अब कैसे जीना

भूले मेरे अपने

4

जो दूर गए मुझसे

सुध ना ली मेरी

क्या पीर कहूँ उनसे

5

जीवन एक झमेला

सब कुछ उलझा है

यह साँसों का खेला

-0-

2 -ज्योत्स्ना  प्रदीप 
1
सुरभित भारत- माटी 
हिन्दी  कण - कण में 
चाहे    पर्वत घाटी ।
2

ये आन सँभाले  है 
वीर  शहीदों   की 
ये शान सँभाले है।
3
हिन्दी के नारे थे 
मंगल पाण्डे से 
वो गोरे  हारे  थे ।
4
तीनों   दीवाने  थे
फाँसी के पल में 
माँ के गाने थे।
5

भारत  के  सेनानी
हिन्दी मान करें
बन जाएँ बलिदानी !
6
नवरस भर जाते हैं 
सात सुरों को  ले 
सुर -साधक गाते हैं ।
7

सावन रुत वासंती
होरी,कजरी की
हिन्दी से ही छनती ।
9
परिणय की  रुत आई
मधु-रस छलकाती
हिन्दी ज्यों  शहनाई ।

-0-

14 टिप्‍पणियां:

neelaambara ने कहा…

बहुत ही सुन्दर सृजन, हार्दिक बधाई

शिवजी श्रीवास्तव ने कहा…

हिंदी के महत्व को रेखांकित करते ज्योत्स्ना प्रदीप जी के सुंदर माहिया,वहीं जीवन के झंझावतों को रेखांकित करते डॉ. जेन्नी शबनम जी के माहिया प्रभावित करते हैं।दोनो को बहुत बहुत बधाई।

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

जेन्नी जी और ज्योत्सना जी सभी माहिया एक से बढ़कर एक हैं सुन्दर सृजन के लिए हार्दिक बधाई स्वीकारें |

सधु चन्द्र ने कहा…

एक से बढ़कर एक सुंदर सृजन बहुत सुंदर बधाई व शुभकामनाएं जेन्नी जी सादर।

Ramesh Kumar Soni ने कहा…

जीवन और हिंदी पर केंद्रित सुंदर रचनाएँ , जेन्नी जी एवं ज्योत्सना जी को हार्दिक बधाई ।

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह

Sudershan Ratnakar ने कहा…

जीवन और हिन्दी के महत्व के दर्शाते एक से बढ़ कर एक बढ़िया माहिया। सुंदर सृजन के लिए जेन्नी जी एवं ज्योत्सना जी को हार्दिक बधाई।

Sudershan Ratnakar ने कहा…

जीवन और हिन्दी के महत्व के दर्शाते एक से बढ़ कर एक बढ़िया माहिया। सुंदर सृजन के लिए जेन्नी जी एवं ज्योत्सना जी को हार्दिक बधाई।

Pushpa mehra ने कहा…

जीवन के संघर्षों से जूझते हुए आगे बढने की प्रेरणा देते तथा हिदी भाषा को अपनाने की प्रेरणा देते सभी माहिया भावगत और शिल्पगत दोनों ही दृष्टि से सुन्दर लिखे हैं जेन्नी जी और ज्योत्स्ना जी को बधाई स्वीकार हो
पुष्पा मेहरा

dr.surangma yadav ने कहा…

बहुत सुन्दर भाव सम्पन्न सेदोका ।बधाई आप दोनों को ।

Vibha Rashmi ने कहा…

बहुत सुन्दर भावाभिव्यक्ति । सुन्दर माहिया रचनाओं के लिये जेन्नी शबनम जी व ज्योत्स्ना प्रदीप जी को अनेक बधाई ।

प्रीति अग्रवाल ने कहा…

एक तरफ जेन्नी जी ने जीवन के सच को सुंदरता से उकेरा और दूसरी ओर ज्योत्स्ना जी ने हिंदी की शान में बेहतरीन माहिया रचे । आप दोनों को ही अनेकों बधाई!

Jyotsana pradeep ने कहा…


मेरे माहिया को यहाँ स्थान देने के लिए आदरणीय भैया जी
और प्यारी बहन हरदीप जी का हृदय-तल से आभार करती हूँ। आप सभी साथियों का भी दिल से धन्यवाद!

Jyotsana pradeep ने कहा…

बहुत सुन्दर माहिया जेन्नी जी,हार्दिक बधाई आपको!