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शुक्रवार, 2 सितंबर 2022

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 डॉo जेन्नी शबनम

1


हे गंगा माई

केहू नहीं हमर

कौना से कहू

सुख-दुख अपन

कैसे कटे सफ़र।

2

हे गंगा माई

मन बड़ा बिकल

देख के छल

छुपा ल दुनिया से

कोख में अपन।

3

हे गंगा माई

हमर पुरखा के

तू समा लेलू

समा ल हमरो के

तोरे जौरे बहब।

4

तू ही ले गेलू

हमर बाबू-माई

भेंट करा द

निहोरा करई छी

दया कर हे माई।

5

पाप धोअ लू

पुन सबके दे लू

देख दुनिया

गंदा कर देलई

कइसन हो गेलू।

-0- बिहार में तिरहुत प्रमंडल के वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर जिला तथा दरभंगा प्रमंडल के समस्तीपुर तथा दरभंगाके पश्चिमी भाग में एक करोड़ से ज्यादा लोगों द्वारा बज्जिका बोली जाती है।(विकिपीडिया)