डॉo जेन्नी शबनम
1
हे गंगा माई
केहू नहीं हमर
कौना से कहू
सुख-दुख अपन
कैसे कटे सफ़र।
2
हे गंगा माई
मन बड़ा बिकल
देख के छल
छुपा ल दुनिया से
कोख में अपन।
3
हे गंगा माई
हमर पुरखा के
तू समा लेलू
समा ल हमरो के
तोरे जौरे बहब।
4
तू ही ले गेलू
हमर बाबू-माई
भेंट करा द
निहोरा करई छी
दया कर हे माई।
5
पाप धोअ लू
पुन सबके दे लू
देख दुनिया
गंदा कर देलई
कइसन हो गेलू।
-0- बिहार में तिरहुत प्रमंडल
के वैशाली,
मुजफ्फरपुर, सीतामढी, शिवहर
जिला तथा दरभंगा प्रमंडल के समस्तीपुर तथा दरभंगाके पश्चिमी भाग में एक करोड़ से ज्यादा लोगों द्वारा बज्जिका बोली जाती है।(विकिपीडिया)