1-परमजीत कौर 'रीत'
1-माहिया
1
खुश्बू का हरकारा
कहता बगिया में-
‘फिर आना दोबारा' ।
2
सुख-दुख का बनजारा
'साँझ'-सुबह गाता
संदेशा इकतारा ।
3
हर इक
'याद तुम्हारी'
माँ तेरी बातें
सब बातों पर भारी ।
-0-
2-ताँका
1
हालात चाक
कच्चे
मन का घड़ा
भीगे नयन
'धूप का इंतज़ार'
दोनों ही कर रहे।
2
घना कोहरा
दिखती नहीं दिशा
दुःख की सर्दी
'धूप का इंतज़ार'
करे मन- विहग।
3
बीतते सर्दी
'धूप का इंतजार'
करता कौन
बने छाँह के साथी
वक़्त-वक़्त की बात।
-0-
