सोमवार, 31 अगस्त 2020

933-यादें


यादें
मीनू खरे

काले गहरे 
साँसों पे भी पहरे 
है मुलाक़ात 
अब नामुमकिन 
तू ऐसा कर !
ख़्वाब में  के मिल...
याद करके 
सो गई हूँ मैं तुझे
रोज़ की तरह ही!!!

20 टिप्‍पणियां:

Seema Singh ने कहा…

बहुत बढ़िया 👏👏

शिवजी श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत सुंदर चोका।बधाई मीनू खरे जी

अनिता मंडा ने कहा…

उम्दा!

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

वाह

प्रीति अग्रवाल ने कहा…

बेहद खूबसूरत चोका, बधाई मीनू जी!

Digvijay Agrawal ने कहा…

आपकी लिखी रचना "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" आज सोमवार 31 अगस्त 2020 को साझा की गई है.... "सांध्य दैनिक मुखरित मौन में" पर आप भी आइएगा....धन्यवाद!

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

छोटा मगर सुंदर, सम्पूर्ण भाव लिए चोका!
हार्दिक बधाई मीनू जी!

~सादर
अनिता ललित

Dr. Purva Sharma ने कहा…

भावपूर्ण चोका के लिए बधाई स्वीकार करें मीनू जी !
शुभकामनाएँ

दिगम्बर नासवा ने कहा…

बहुत खूब ...
सपनों में आ के मिलना, ख्वाबोब में जागना ...
क्या बात है ...

Meenu Khare ने कहा…

सम्पादक द्वय सहित आप सभी अनमोल प्रतिक्रियाओं के लिए आभारी हूँ ।

Meenu Khare ने कहा…

अहा! दिगम्बर नासवा जी से इतने दिनों बाद यहाँ मुलाक़ात होना सुखकर लगा। ब्लॉगिंग के दिन याद आ गये!...

Meenu Khare ने कहा…

हार्दिक धन्यवाद पूर्वा जी !

Meenu Khare ने कहा…

आभार अनिता जी !

dr.surangma yadav ने कहा…

वाह-वाह!बहुत सुन्दर!बधाई मीनूजी ।

Sudershan Ratnakar ने कहा…

भावपूर्ण चोका ।बधाई मीनू जी।

Krishna ने कहा…

भावपूर्ण चोका,, गागर में सागर...हार्दिक बधाई मीनू जी।

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

सुन्दर सृजन है मीनू जी हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं |

Shashi Padha ने कहा…

मीनू जी , भावपूर्ण चोका , बधाई आपको

शशि पाधा

Rashmi Vibha Tripathi ने कहा…

बेहद खूबसूरत अभिव्यक्ति!
सुंदर सृजन के लिए आपको हार्दिक बधाई आदरणीया!
सादर!

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बहुत सुन्दर