शुक्रवार, 6 सितंबर 2019

884


दैवीय बाँध  
               अनिता ललित  
जब से बातें समझ में आनी शुरू हुईं थीं, मम्मी-पापा से यही सुनते आए थे - “तुम्हारे जन्म के समय घर में शहनाई बज रही थी! तुम हमारे लिए लक्ष्मी हो, तुम्हारे जन्म के बाद ही
पापा के काम की तरक्क़ी भी हुई और घर में ख़ुशहाली आई!” सुनकर बड़ा अच्छा लगता था हमें, इतराते फिरते थे पूरे घर में! यही नहीं! अपने हर जन्मदिन पर मम्मी-पापा से यही सुनते आते रहे! ढेर सारे आशीर्वाद और प्यार-भरी बातों के साथ, यह बात कहना वे दोनों कभी नहीं भूलते थे! हमारी सदैव पूरी कोशिश रहती थी कि कोई भी ख़ुशी का दिन हो, चाहे कोई  त्योहार हो, हमारा या पापा-मम्मी का जन्मदिन हो, हममें से किसी के विवाह की वर्षगाँठ हो, मातृ-दिवस हो, पितृ-दिवस हो, शिक्षक-दिवस हो, गुरु पूर्णिमा हो...सबसे पहले हम उनको फ़ोन करके शुभकामनाएँ देते थे, उनका आशीर्वाद लेते थे!
      जीवन में सुख-दुःख तो लगे ही रहते हैं! इस दुनिया में आपके दुख पर ख़ुश होने वाले तथा सुख पर जलने व दुखी होने वाले तो बहुत मिल जाएँगे, परन्तु आपके सुख से, आपकी प्रसन्नता से यदि किसी को सचमुच आपसे अधिक ख़ुशी मिलती है, तो वे होते हैं आपके माता-पिता! हमारे हर सुख, हर ख़ुशी पर, पहला अधिकार पापा-मम्मी का है, हमेशा से हमारा यही मानना रहा है! उनके आशीर्वचनों से हमारी ख़ुशी कई-कई गुना बढ़कर हम तक वापस पहुँचती थी!
     इस बार हमारा पहला जन्मदिन है, जिसमें न पापा साथ हैं, न ही मम्मी! याद तो बहुत आती है उनकी, दुःख भी होता है, मगर मन को यही समझाते हैं, कि सारे कष्टों से, इस दुनिया के मायाजाल से, छल-प्रपंचों से रिहा होकर, वे दोनों परमात्मा की गोद में सुक़ून से बैठे होंगे और वहीं से अपना स्नेह और आशीर्वाद हमें दे रहे होंगे!
1
जीवन मेरा
हर सुख ही मेरा
आपकी देन!
2
दैवीय बाँध
मेरी आत्मा में बसा
आपका प्यार!
-अनिता ललित
-0-

14 टिप्‍पणियां:

अनिता मंडा ने कहा…

आपके शब्दों में भावों की गंगा है, निर्मल मन की अभिव्यक्ति को प्रणाम। माता पिता का स्थान सबसे ऊपर है, नमन।
जन्मदिन की बहुत सारी शुभकामनाएं।

Jyotsana pradeep ने कहा…

🌺🌺🌺🌺जन्मदिवस की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ सखी .....आप हमेशा खुश रहें... आबाद रहें, स्वस्थ रहे ,अपने कार्यक्षेत्र में सफल रहें!!🌺🌺🌺🌺🌺🌺

Jyotsana pradeep ने कहा…

आपकी दिल से लिखी रचना पढ़कर मन भीज गया सखी ,सादर नमन है ऐसी निर्मल,उज्ज्वल भावनाओं को ..
आपके माता -पिता अपनी प्यारी बिटिया को स्नेह और आशीर्वाद ज़रूर दे रहे होंगे!!

Sudershan Ratnakar ने कहा…

माता-पिता कहीं दूर नहीं जाते वे हमारी यादों में सदा बसे रहते हैं।उन्हें अनुभव करते रहते हैं बस स्पर्श नहीं कर पाते। उनका आँशार्वाद सदा बना रहता है. हृदयस्पर्शी हाइबन।बहुत सुंदर
जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ ।

Krishna ने कहा…

माता-पिता का स्नेह आशीर्वाद तो सदैव हमारे अंग-संग बना रहता है। उनकी स्मृतियाँ ही हमारी ऊर्जा है। बहुत सुंदर मर्मस्पर्शी हाइबन। जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएँ।

शिवजी श्रीवास्तव ने कहा…

जन्मदिन की बहुत बहुत शुभकामनाएँ अनिता जी,माता-पिता के शुभाशीष की छत्रछाया सदैव आपके ऊपर रहेगी,आपके पाठकों एवम साहित्यिक सुहृदों का परिवार भी बड़ा है,सभी की आत्मीय शुभकामनाएँ।

प्रीति अग्रवाल ने कहा…

अनिता जी आपने बिल्कुल सही कहा, हमसे भी अधिक, हमारे जन्म दिन की खुशी हमारे माता पिता को होती है। वो कहीं भी रहे, आशीर्वाद और प्यार का सिलसिला सदैव बना रहता है। आपको जन्म दिवस की ढेर सारी शुभकामनाएं!!

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

आप सबके स्नेह से अभिभूत हैं हम! ह्र्दयतल से आभार!!!

~सादर
अनिता ललित

bhawna ने कहा…

बहुत भावपूर्ण हाईबन अनीता जी। जन्मदिन की विलम्बित शुभकामनाएं। आप स्वस्थ रहें व लेखनी ऊर्जावान रहे।

सदा ने कहा…

अत्यंत भावपूर्ण शब्दांजली ....
मम्मी-पापा के आशीषों के साये में आपकी हर खुशी हर इच्छा पूरी होती रहे।
अनंत स्नेहिल शुभकामनाएं

अशोक सलूजा ने कहा…

निशब्द....
जन्मदिन की बहुत मुबारक और ढेरों शुभकामनाएं।
जो चाहो सो मिले🌹👍👍
खुश और स्वस्थ रहो💐💐🤗🙏🙏

दिगम्बर नासवा ने कहा…

मन का निरझर स्वयं ही फूट जाता है जब कोमल भावनाएँ जन्म लेती हैं ... बहुत सुंदर शब्द .।. जनम दिन की ढेरों शुभकामनाएँ ...

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

पढ़कर मन भावुक हो गया. निःसंदेह सिर्फ माता-पिता ही होते हैं जो आपके हर सुख दुःख में साथ होते हैं. लेकिन... भावपूर्ण हाइबन के लिए बधाई. जन्मदिन की शुभकामनाएँ!

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

आप सबके स्नेहसिक्त शब्दों के लिए हृदयतल से आभार!मन भीग गया पढ़कर!

~सादर
अनिता ललित