माहिया
श्वेता राय ( देवरिया –उत्तर प्रदेश)
श्वेता राय ( देवरिया –उत्तर प्रदेश)
1
मन को मेरे भाती
प्रीत भरी बतियाँ
जीवन को महकाती ।
प्रीत भरी बतियाँ
जीवन को महकाती ।
2
होते हैं वो अपने
जगती आँखों से
देखें हम जो सपने ।
जगती आँखों से
देखें हम जो सपने ।
3
दिल से न भुला देना
चाहो जब मिलना
यादों में बुला लेना
चाहो जब मिलना
यादों में बुला लेना
4
मन एक समन्दर है
प्रीत सीप- मोती
ले यादें अंदर है ।
प्रीत सीप- मोती
ले यादें अंदर है ।
5
सँभले
न सँभलते हो
रेत सरीखे तुम
हाथो से फिसलते हो
रेत सरीखे तुम
हाथो से फिसलते हो
6
नयना बदरी छाई
बहती है देखो
यादों की पुरवाई
बहती है देखो
यादों की पुरवाई
7
मन का मेरे दर्पन
तेरी ये अँखियाँ
देखूँ जिनमें जीवन
तेरी ये अँखियाँ
देखूँ जिनमें जीवन
-0-

