बुधवार, 15 मार्च 2017

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डॉ सरस्वती माथुर 
1
तेरे बिन जीना है
फागुन में सजना
यादों को पीना है।
2
वो बात नहीं करते 
फिर भी देखो तो
हम उन पर ही मरते। 
3
पल -पल मन जलता है
नैनों में सपना
तेरा ही पलता है।
-0-

11 टिप्‍पणियां:

Vibha Rashmi ने कहा…

बहुत सुन्दर माहिया बधाई सरस्वती जी ।

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

सुंदर माहिया!
बहुत बधाई सरस्वती जी !!!

~सादर
अनिता ललित

सुनीता काम्बोज ने कहा…

बहुत सुंदर माहिया सरस्वती जी हार्दिक बधाई

Dr. Surendra Verma ने कहा…

काश, इतने गेय ये माहिया ! मैं इन्हें गा पाता।

अनिता मंडा ने कहा…

सुंदर माहिये

Jyotsana pradeep ने कहा…

बहुत सुन्दर माहिया बधाई सरस्वती जी ।

Krishna ने कहा…

बहुत ख़ूबसूरत माहिया सरस्वती जी... बधाई आपको।

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

बहुत सुन्दर माहिया...हार्दिक बधाई...|

Unknown ने कहा…

सुंदर

ज्योति-कलश ने कहा…

सुन्दर माहिया ,हार्दिक बधाई !

bhawna ने कहा…

वाह सरस्वती जी, बहुत सुन्दर।