रविवार, 5 दिसंबर 2021

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 रामेश्वर काम्बोज 'हिमांशु'


17 टिप्‍पणियां:

Anima Das ने कहा…

अत्यंत सुंदर... मनमोहक सृजन है....अनंत बधाई 🌹🌹🌹🙏

Sudershan Ratnakar ने कहा…

बहुत सुंदर माहिया ।बधाई

सदा ने कहा…

बहुत सुंदर भावों का संगम ... सादर

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

बहुत खूबसूरत माहिया हैं भाई साहब | हार्दिक बधाई |

Rashmi Vibha Tripathi ने कहा…

वाह! बहुत ही मनमोहक माहिया।
हार्दिक बधाई आदरणीय गुरुवर को💐🌷

सादर🙏🏻

dr.surangma yadav ने कहा…

बहुत सुंदर। हार्दिक बधाई भैया।

Archana rai ने कहा…

बहुत ही सुंदर....

Krishna ने कहा…

बहुत सुंदर माहिया...हार्दिक बधाई।

Ramesh Kumar Soni ने कहा…

सुंदर सृजन, बधाई।
दो कंठ भरे होंगे.....
अर्थ की गहराइयाँ हैं।

शिवजी श्रीवास्तव ने कहा…

बहुत सुंदर,भावपूर्ण माहिया।हार्दिक बधाई।

Reet Mukatsari ने कहा…

बहुत सुंदर, सरस माहिया। हार्दिक बधाई आदरणीय भाईसाहब जी।

प्रीति अग्रवाल ने कहा…

बहुत सुंदर, भावपूर्ण माहिया। धन्यवाद आदरणीय!

नीलाम्बरा.com ने कहा…

बहुत सुंदर, हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं।

Dr. Purva Sharma ने कहा…

एक से बढ़कर एक भावपूर्ण माहिया...
बधाई स्वीकार करें

Vibha Rashmi ने कहा…

सभी माहिया बहुत भावप्रणव , मन - छूने वाले हैं । बधाई हिमांशु भाई ।

मंजूषा मन ने कहा…

आदरणीय रामेश्वर सर के अत्यंत मार्मिक माहिया पढ़कर मन भीग गया।

दो कण्ठ भरे होंगे
हिचकी आँसू से
मन-प्राण हरे होंगे। कितना अद्भुत लिखा है आपने

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

सभी माहिया बहुत भावपूर्ण और मार्मिक। यूँ लगता है जैसे हमारे मन के भाव को काम्बोज भैया ने लिख दिया। बहुत बधाई।