माहिया
1-कृष्णा वर्मा
1
झम-झम बादल बरसा
सूने हैं नैना
मन रह-रह कर तरसा ।
2
लो सावन क्या
आया
नदिया झूम उठी
फिर से यौवन
छाया।
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2-डॉ सरस्वती माथुर
1
मन मेरा सावन है ।
हम तुम साथ रहें
हम तुम साथ रहें
मौसम मनभावन है ।
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सेदोका
अरुण कुमार रुहेला
1
इन्द्रधनुष
हर नभ -मन में
भरे रंग संगीत ,
जीवन नाचे
गाती मधुर गीत
पानी की हर बूँद ।
2
बादल प्यासा
रुका मरुभूमि में
पाने जीवन-जल,
था दृष्टिभ्रम
जलद खूब रोया
और बाँटा जीवन ।
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