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मंगलवार, 18 अप्रैल 2017

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राजेश काम्बोज 
1.


कैसी मजबूरी है
मिलती ना छाया 
तरुवर से दूरी है ।
2.
पानी भर गागर से
प्यास बुझा लेगी
नदिया मिल सागर  से ।
3.
जीवन संगीत हुआ
यौवन आया तो
हर कोई मीत हुआ ।
4.
कलियाँ जब मुस्काई 
मेहनत माली की
रंगत फिर से लाई ।

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