शान्ति पुरोहित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शान्ति पुरोहित लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

रविवार, 10 अगस्त 2014

इन्द्रधनुषी राखी



सेदोका
1-कृष्णा वर्मा
1
या ढ्योढ़ी
अँगना -सी बहना
रक्षाबन्धन प्यार
भाई-बहन
बीते बचपन की
यादों का चित्रहार ।
2
राखी त्योहार
सावन- सी बहनें
भइया के आँगन
ठंडी फुहार
दुआओं मढ़ी तार
बाँधे बहना प्यार
-0-
2-रेनु चन्द्रा
1
सजधज के
स्नेही राखी लेकर
प्यारी बहना आई
प्यार बाँधके
भाई की कलाई पे
बहन इतराई ।
2
राखी त्योहार
सूना हो गया जब
प्यारा भाई ना आया
बहना रोई
राखी लेकर साथ
इन्तजार में खोई ।
-0-
ताँका
1-रेखा रोहतगी
1
वर्षा बहना
इन्द्रधनुषी राखी
लेकर आई
हर्षे गगन भैया
धूप खिलखिलाई ।
2
लाया सावन
अँखियों में भीगता
 वो बचपन
झूला झुलाता भैया
चहकता आँगन ।
3
प्यार तुलता
पैसों-उपहारों में
रेशमी धागे
बचा न पाएँ रिश्ते
इस स्वार्थ के आगे ।
4
पहली राखी
ब्याह के बाद आई
छाईं खुशियाँ
जब बहना आई
खनकाती चूड़ियाँ ।
5
'राखी' पे मिलें
सारे बहन-भाई
ढूँढ़ें अँखियाँ
भोले बचपन की
खोई हुई सखियाँ ।
-0-
2-मंजु गुप्ता
1
रक्षा पर्व पे
यादों का बचपन
झूमे दिल में
बाँधी पावन राखी
प्रेम कलाई पर।
2
रक्षाबन्धन
दीदी - भाई  का प्यार
खिले राखी से
श्रावणी पूनम पे
दे खुशियाँ अनंत ।
-0-
3-शान्ति पुरोहित
1
रक्षाबंधन
बहन की उमंग
भाई माँ जाया
लेती बलाएँ लाखों
सलामत हो भैया ।
2
पवित्र धागा
भाई कलाई बाँधे
रक्षा की आस
स्नेहिल आस्था भैया
अनुपम सौगात
-0-

गुरुवार, 12 जून 2014

पाहुन हवा



1-डॉ सरस्वती माथुर
1
झूल रही हूँ
यादों के पलने में
पाहुन हवा  
सखी-सी देख रही
आँखों की भीगी कोर ।
2
यादों  का सूर्य
मन- नभ उतरा
डूबेगा कब ?
सोचती-सी डूबी हूँ
जीवन - सागर में ।
3
पतझड़ में
खोया खोया मौसम
यादों के  पात
हवाओं में डोलते
भेद सब खोलते ।
4
यादों की वर्षा
उदास -सा मौसम
भीगी -सी हवा
बीते दिनों के संग
भीग रहा है मन
-0-     
2-शान्ति पुरोहित
1
कटते वृक्ष
पहाड़ भी कटते
जल विनाश
प्रकृति का दोहन
धरा विनाश करे
-0-