शुक्रवार, 2 मार्च 2012

यादों के मोती


मंजु मिश्रा
1
प्रेम की धारा
तन मन भिगोती
यादों के मोती
गूँथ-गूँथ, जीवन
माला जैसे पिरोती
2
उदास आँखें,
दिल का दर्द थामे
ख़ुद को बस
जैसे तैसे सँभाले
सिसकीं रात भर
3
दर्द तो है ही,
पर आँख में आँसू !
बिल्कुल नहीं
आखिर शहादत
पे भला क्यूँ रोयेंगे
4
ज़िंदगी जीना,
एक हुनर- सा है
जो सीख गया
वो ज़िंदगी की बाज़ी
जीता, नहीं तो हारा
5
जाने वाला जो
गया, अपने साथ
जीने की चाह
ले गया सदा के लिए
अब जियें तो कैसे
6
अलस्सुबह
चाँद ने लिखवाई
रपट और
सूर्य को कर दिया
नामजद चोरी में
7
हर सुबह
सूरज, ले के गया
सब बाँध के
गठरी में सितारे
रात दहाड़ें मारे
8
सूरज चोर
फरियादी है चाँद
और चोरी में
गये तारे-सितारे
ऐसे में जज कौन ??
-0-

10 टिप्‍पणियां:

RITU BANSAL ने कहा…

वाह!!

Dr.Anita Kapoor ने कहा…

हर सुबह

सूरज, ले के गया

सब बाँध के

गठरी में सितारे

रात दहाड़ें मारे
सुंदर भाव और सुंदर शब्द .....बधाई

amita kaundal ने कहा…

उदास आँखें,
दिल का दर्द थामे
ख़ुद को बस
जैसे तैसे सँभाले
सिसकीं रात भर

bahut sunder tanka hain badhai,
saadar,
amita

बेनामी ने कहा…

ज़िंदगी जीना,
एक हुनर- सा है
जो सीख गया
वो ज़िंदगी की बाज़ी
जीता, नहीं तो हारा




मंजु जी सत्य लिखा जीना एक कला ही तो है
कृष्णा वर्मा

Dr.Bhawna ने कहा…

सूरज चोर
फरियादी है चाँद
और चोरी में
गये तारे-सितारे
ऐसे में जज कौन ??

Sabhi tanka eaksebadhkar eak hain ye bahut khubsurat laga bahut2 badhai..

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

सुन्दर ताँके...मेरी बधाई...।
प्रियंका

सीमा स्‍मृति ने कहा…

मंजु जी बहुत सुन्‍दर तांके । वास्‍तव में जिन्‍दगी जीना एक कला है ।
बधाई

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

sabhi taanka bahut khoobsurat, sundar bimb prayog. behad arthpurn...

ज़िंदगी जीना,
एक हुनर- सा है
जो सीख गया
वो ज़िंदगी की बाज़ी
जीता, नहीं तो हारा

shubhkaamnaayen.

बेनामी ने कहा…

ज़िंदगी जीना,
एक हुनर- सा है
जो सीख गया
वो ज़िंदगी की बाज़ी
जीता, नहीं तो हारा

मंजू जी ,
सभी तांका बहुत अर्थपूर्ण हैं बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ....होली मुबारक हो ...
वैसे मैं आपके पास आ गई हूँ :)

Rama Dwivedi

बेनामी ने कहा…

ज़िंदगी जीना,
एक हुनर- सा है
जो सीख गया
वो ज़िंदगी की बाज़ी
जीता, नहीं तो हारा

मंजू जी ,
सभी तांका बहुत अर्थपूर्ण हैं बहुत बहुत हार्दिक शुभकामनाएं ....होली मुबारक हो ...
वैसे मैं आपके पास आ गई हूँ :)

Rama Dwivedi