रविवार, 16 जून 2019

869-पितृ-दिवस



सेदोका
अनिता ललित  
1. 
दुर्गम राहें
ये जीवन कठिन
डर नहीं है मुझे!
है साथ सदा -
आपका एहसास
दुआओं -भरा हाथ!
 2. 
जहाँ हों आप
फ़लक के भी पार!
मैं करूँ महसूस
स्नेह अपार
जो था पाया आपसे
रहेगा साथ मेरे!
-0-

9 टिप्‍पणियां:

अनिता मंडा ने कहा…

भावपूर्ण!

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

अनीता ललित जी बहुत भाव पूर्ण , ह्रदय को छू गए आपके द्वारा रचित सेदोका |बधाई |

Vibha Rashmi ने कहा…

अनिता पितृ दिवस के सुन्दर सेदोका । बधाई लो ।

Sudershan Ratnakar ने कहा…

अत्यंत भावपूर्ण , मर्मस्पर्शी सेदोका। बधाई अनिता

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…
इस टिप्पणी को लेखक ने हटा दिया है.
Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

हार्दिक आभार आप सभी का! 🙏

~सादर
अनिता ललित

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

मर्मस्पर्शी सेदोका...बहुत बधाई अनीता जी...|

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बेहद भावपूर्ण.

Jyotsana pradeep ने कहा…

बहुत भाव पूर्ण सृजन सखी....
आपको हृदय तल से बधाई !!