रविवार, 28 मार्च 2021

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प्रीत का रंग

डॉ.महिमा श्रीवास्तव

  होली आती रही और जाती रहीं मेरे जीवन में।


कोई भी तन या मन
, किसी को ना रँग पाई, मात्र एक के अतिरिक्त।

समय की लहरों को पार कर मन सुदूर अतीत में जा पहुँचता है।

बचपन में होली खेलने से बहुत डरती थी। याद पड़ता है कि पिताजी जब रँगे-पुते होली खेलकर घर आते थे तो मैं उनसे रूठ, चारपाई के नीचे जा छुपती थी।

बचपन की दहलीज़ पार कर किशोरावस्था में प्रविष्ट हुई।

पन्द्रह वर्ष की आयु व अत्यंत शर्मीली- से स्वभाव वाली एक लड़की यानी मैं।

उस वर्ष होली पर सुबह-सुबह द्वार की घंटी बजी, तो पता नहीं कैसे मैं दरवाज़ा खोलने जा पहुँची।

पर यह क्या?

द्वार खोला ही था कि मेरे गालों पर गुलाल मल दिया व सामने खड़ा प्रतिवेशी परिवार का किशोर पुत्र आण्टी को पूछता अंदर आ गया।

मैं सिहर उठी थी, इतना दुस्साहस?

संभवतः मुझे पहली व अंतिम बार होली पर तभी रंग लगाया गया।

विवाह होकर जिस घर आई वहाँ होली खेलना पूरी तरह वर्जित था।

पूरा दिन त्योहार पर नाश्ता-खाना बनाने में ही व्यतीत हो जाता था।

एकरस जीवन में रची बसी मैं भूल गई कि कभी किसी ने मुझे भी रँगना चाहा था, खुशियों के रंग से।

1

होली मनाने

तन मन रँगने

फिर आओगे?

2

प्रीत का रंग

होली पर हो संग

बाजे मृदंग।

 -0-

डॉ महिमा श्रीवास्तव

34 / 1, सर्कुलर रोड, मिशन कंपाउंड के पास, झम्मू होटल के सामने।

अजमेर (राज।)

mob. no.8118805670

jlnmc2017@gmail. com

19 टिप्‍पणियां:

नीलाम्बरा.com ने कहा…

सुन्दर रचनाओं हेतु हार्दिक बधाई

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

ख़ूबसूरत यादों में रचा हाइबन है महिमा जी बधाई।

सधु चन्द्र ने कहा…

रंगों का त्योहार,🏵
लाए जीवन में बहार।🏵🏵🏵
सफलता👑 चूमें आपके द्वार
जगत में फैले कीर्ति अपार।।

स्वस्थता, प्रसन्नता,सौहार्दता लिए यह सौभाग्यशाली,पावन पर्व आपके एवं आपके परिवार में नित प्रेम का रंग फैलाए।
आपको सपरिवार रंग-बिरंगी होली की ढेरों शुभकामनाएँ।
💐💐💐

सधु चन्द्र

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

शुक्रिया

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

सुन्दर अभिव्यक्ति, बधाई महिमा जी.

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

शुक्रिया

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार

Krishna ने कहा…

ख़ूबसूरत हाइबन... महिमा जी हार्दिक बधाई।

Rashmi Vibha Tripathi ने कहा…

बहुत ही सुन्दर हाइबन।
हार्दिक बधाई आदरणीया।

सादर

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

बहुत ही ख़ूबसूरत हाइबन!
सभी त्योहारों में होली का त्यौहार कुछ ऐसा ही होता है कि मन बरबस अतीत के रंग में रंग जाता है और याद आ जाती है बचपन की होली! कुछ रंग बड़े पक्के होते हैं!

हार्दिक बधाई डॉ. महिमा जी!

~सादर
अनिता ललित

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

जीवन के किसी मोड़ पर गुजरा एक छोटा-सा लम्हा भी जीवन भर की याद बन कर रह जाता है | बहुत मनभावन हाइबन...| हार्दिक बधाई |

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार, प्रियंका

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

धन्यवाद, ललिता जी

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

आभार

Dr.Mahima Shrivastava ने कहा…

शुक्रिया जी

Jyotsana pradeep ने कहा…


बहुत ही सुन्दर अभिव्यक्ति।
हार्दिक बधाई महिमा जी।