बुधवार, 17 नवंबर 2021

1006-स्मृति तुम्हारी

 सविता अग्रवाल 'सवि'  (कैनेडा)

1

नम पलकें

तन्हा हुई ज़िंदगी

जुगनू बने मित्र

स्मृति तुम्हारी

मछली- सी तड़पी

मिलन को तरसी 

2

मरु- हृदय

उगी नागफनियाँ

निहारती वीराने

याद- लड़ियाँ 

नयन झरे पानी

तस्वीर ही निशानी 

3

याद तुम्हारी

सताए हर वक्त

भँवर में चलती

चकरी बनी

तट पाने की आस

हिय- मचल जाती 

4

गुज़रे दिन

किताब में गुलाब

मुस्कुराहट भरा

निरखे मुझे

देख, प्रेमी युगल

यादों की वीणा बजे ।

5

रौशनी वहाँ

प्रिय- संग है जहाँ

फूटी प्रेम- गगरी

हुआ विछोह

स्मृतियाँ बुहारतीं

मन आँगनद्वार 

6

रंगों में रँगा

स्मरण- कैनवास

चित्र उकेरेंहाथ

दर्द दर्शाते

कैसी है सल्तनत?

तुम, आकृति पाते 

7

यादें सताएँ

मिलन- तार सजे

स्पंदित हिय- वीणा

गूँजती ध्वनि

प्रिय बनोआलाप

सरगम मैं बनूँ 

8

याद तुम्हारी

सूखा मरु सींचती

महका रही मन

पाने की हूक

प्रेम बादल बन

आस-प्यास बुझाती  

9

सुधि-तिनके

घरौंदे बना रहे

पंछी बन उड़ते

नभ में जाते

हिय-डाल पे बैठ

फुदकते रहते ।

      -0-

16 टिप्‍पणियां:

Ramesh Kumar Soni ने कहा…

अच्छे सेदोका-बधाई।

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

भाई कम्बोज जी का हृदय से धन्यवाद। मेरे सेदोका को पत्रिका में स्थान देने के लिए। रमेश सोनी जी का भी आभार ।

Reet Mukatsari ने कहा…

भावपूर्ण सृजन हार्दिक बधाई

सुशील कुमार जोशी ने कहा…

सुन्दर सृजन

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

रीत जी और जोशी जी आपका भी हृदय तल से आभार।

Rashmi Vibha Tripathi ने कहा…

बहुत ही मनभावन सेदोका।
पढ़कर मन प्रसन्न हो गया।

हार्दिक बधाई आदरणीया।

सादर

डॉ. जेन्नी शबनम ने कहा…

बहुत सुन्दर और भावपूर्ण सेदोका. बधाई सविता जी.

प्रीति अग्रवाल ने कहा…

सभी सेदोका सुंदर विशेषतः मरु हृदय और नम पलकें संविता जी को सुंदर सृजन के लिए अनेकों बधाई!!

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

रश्मि जी, जेनीजी और प्रीति आप सभी का हार्दिक धन्यवाद। अपना स्नेह बनाएँ रखिए।

Sudershan Ratnakar ने कहा…

बहुत सुंदर भावपूर्ण सेदोका। हार्दिक बधाई सविता अग्रवाल जी।

Pushpa mehra ने कहा…


सभी सेदोका सुंदर सुंदर लगे,बधाई

पुष्पा मेहरा
.

Dr. Purva Sharma ने कहा…

बहुत ही सुन्दर भावपूर्ण प्रेम-वियोग में डूबे सेदोका
हार्दिक शुभकामनाएँ स्वीकार करें

Krishna ने कहा…

बहुत सुन्दर, भावपूर्ण सेदोका... हार्दिक बधाई सविता जी

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

यादों की हूक में सराबोर मर्मस्पर्शी सेदोका! सुंदर, भावपूर्ण सृजन हेतु आपको बहुत बधाई आ. सविता जी!

~सादर
अनिता ललित

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

मनभावन सेदोका के लिए मेरी हार्दिक बधाई

सविता अग्रवाल 'सवि' ने कहा…

सुदर्शन जी,पुष्पा जी, पुरवा जी ,कृष्णा जी, अनिता जी और प्रियंका जी आप सभी का हृदयतल से आभार |