1
‘अमरस’
अँगनाई में
कोयल कूक
रही
अब तो अमराई
में ।
2
बहना अब आएगी
सुख-दु:ख की
बातें
हिलमिल
बतलाएगी ।
3
वो राखी
लाएगी
भैया के
माथे
हँस तिलक
लगाएगी ।
4
दस दिन रह
जाएगी
झोली भर
खुशियाँ
घर को दे
जाएगी।
5
भैया का यह
कहना-
यह घर भी
तेरा
तू इस घर का
गहना ।
6
ये बंधन हैं
मीठे
सब रस जीवन
के
तेरे बिन
हैं सीठे
-0-
2- डॉ.ज्योत्स्ना शर्मा
1
दिन राखी का भैया
बहना राह तके
शुभ-तारों की छैंया ।
2
यूँ नर्म हवाएँ हैं
खुशियों के आँसू
औ' लाख दुआएँ हैं ।
3
नयनों से दूर भले
रेशम का धागा
मन से मन बाँध ,खिले ।
4
बदरी तो जा बरसे
सुन भैया ,बहना
राखी पे क्यों तरसे ।
5
जा डाल हवा फेरी
भैया से कहना -
खुशियाँ चाहूँ तेरी ।
6
भैया ! भाभी प्यारी
चमन खिले सारा
घर , आँगन ,फुलवारी ।
7
महका -महका -सा मन
उम्र लगे मेरी
हो स्वस्थ सुखी जीवन ।
8
ये पल अनमोल रहे
मुझपे क्या जो दूँ
बस मीठे बोल रहे ।
9
लो भोर विभोर हुई
हर्षित विटप , किरन
राखी की डोर हुई ।
-0-

