बुधवार, 28 नवंबर 2012

गुरु पर्व आया


डॉ  सरस्वती  माथुर
 कपूरी हवा
 मौसम की बेल से
 लिपटी रही
 स्वागत करने को
 लौट के आई 
 कुतरती सरदी 
 श्याम चिड़िया
तितलियों संग
फूलों पे डोली
तुलसी मंज़री से
थाल सजाया
संग में गुरु पर्व
आस्था लेकर
 पूर्णिमा पर आया
 गुरु सबद
 गुरुवाणी फूलों से
 चहुँ ओर महके ।
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9 टिप्‍पणियां:

shashi purwar ने कहा…

namaskar saraswati ji , bahut sundar , shabdo ka sayounjag bahut hi bhaya , badhai aapko

अनाम ने कहा…

गुरु सबद
गुरुवाणी फूलों से
चहुँ ओर महके ।

बहुत सुंदर चोका भावों से भरा और अनुभूतियों के शब्दों से सजा ...बहुत अच्छा लिखती हैं आप बहिन ...प्रस्तुतीकरण भी उत्तम , बहुत बधाई और गुरु पर्व की शुभकामनाये देने के लिए त्रिवेणी को हैट्स आफ !
मेरी भी शुभकामनाएं!
रमाकांत

Anita Lalit (अनिता ललित ) ने कहा…

बहुत सुंदर दीदी !:)
गुरुपर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ !:)
~सादर !!!

Krishna Verma ने कहा…

बहुत सुन्दर भावपूर्ण चोका सरस्वती जी हार्दिक बधाई।

Rachana ने कहा…

bahut hi sunder haiku bhavon se bhare
bahut bahut badhai
rachana

ज्योत्स्ना शर्मा ने कहा…

बहुत सुन्दर आस्था से परिपूर्ण प्रस्तुति ...बधाई सरस्वती जी

अनाम ने कहा…

आप सभी का तहे दिल से आभार !

डॉ सरस्वती माथुर

प्रियंका गुप्ता ने कहा…

सुन्दर...बधाई...|
प्रियंका

sushila ने कहा…

सुंदर चोका । बधाई सरस्वती जी !